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देखभाल की जरूरत सिर्फ बच्चे को नहीं, नई माँ को भी है

देखभाल की जरूरत सिर्फ बच्चे को नहीं, नई माँ को भी...

आज भी याद है मुझे जब मेरी नन्ही सी गुड़िया का जन्म हुआ था, कितनी डरी हुई थी मैं। मेरे दिमाग में बस यही...
क्रिसमस गया तो क्या...हम अब भी एक दूसरे के सांता क्लॉज बन सकते हैं

क्रिसमस गया तो क्या…हम अब भी एक दूसरे के सांता क्लॉज...

एक समय की बात है, इंदौर शहर के समीप राजेंद्रनगर की एक बस्‍ती में किरण नामक लड़का अपने पिताजी के साथ रहता था ।...
पापा भी हमें माँ जितना ही प्यार करते हैं, लव यू पापा

पापा भी हमें माँ जितना ही प्यार करते हैं, लव यू...

एक छोटी-सी दुनिया है जिसमें मैं हूँ और बस मेरे पापा और माँ है। मेरे पापा और माँ ने मुझे बहुत ही लाड-प्यार से...
रिश्ते निभाने के लिए क्या जरूरी है - समझौता या समझदारी

रिश्ते निभाने के लिए क्या जरूरी है – समझौता या समझदारी

यूं तो रिश्तों के कई नाम हैं। माँ, पापा, भाई, बहन, सास, ससुर, देवर, ननद आदि। पर इन सब रिश्तों को निभाना हर किसी...
देश की बच्ची बचाओ - देश की बच्ची, देश का अभिमान

देश की बच्ची बचाओ – देश की बच्ची, देश का अभिमान

आजकल सुबह-शाम, दिन-रात बस हर जगह एक ही खबर दिखाई सुनाई पड़ती है कि आज एक बच्ची के साथ दरिंदो ने दुष्कर्म किया। कहानी...
दहेज प्रथा कब तक चलेगी? (एक नाटक)

दहेज प्रथा कब तक चलेगी? (एक नाटक)

नाटक के पात्रों के नाम: लड़के की दादी का नाम - जानकी देवी, लड़के की माता का नाम - सुशिला देवी, लड़के के पिता का...
बचपन की ऐसी सखी की याद जो सिखा गई जिंंदगी जीने का जज्‍बा

बचपन की सखी, जो सिखा गई ज़िंदगी जीने का जज्‍बा

जी हाँ दोस्‍तों, फिर हाजिर हूँ एक नए ब्‍लॉग के साथ, जिसमें बचपन की ऐसी याद का जिक्र कर रहीं हूँ, "जिसने मेरे जीने...
तू खुलकर मुस्कुरा कर जी ले ज़रा अपने आज में

तू खुलकर मुस्कुरा कर जी ले ज़रा अपने आज में

कितना अजीब है ना इंसान ! ताउम्र अपनी जिम्मेदारियों के तले दबे रहता है और खुद की ज़िन्दगी जीना भूल जाता है। इंसान अपनी...
ऐ स्त्री! आखिर तुझे भी तो हक है जीने का

ऐ स्त्री! आखिर तुझे भी तो हक है जीने का

आजकल स्त्री की दिनचर्या - सुबह उठते ही मानो दौड़भाग शुरू हो जाती है जो रात तक रुकने का नाम ही नहीं लेती। सुबह...
मायका या ससुराल - आखिर किसे अपना घर मानती है आप

मायका या ससुराल – आखिर किसे अपना घर मानती है आप

अक्सर मैंने कुछ लड़कियों को या ऐसा कहिए कुछ बहुओं को ये कहते हुए सुना है कि उन्हें बस अपना मायका ही अच्छा लगता...