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विक्टर का क्रिसमस – एक छोटे बच्चे की कहानी क्रिसमस के बारे में

विक्टर बहुत खुश था दिसम्बर जो आ गया था। दिसम्बर में क्रिसमस आने वाला था जिसका इंतजार विक्टर पूरे साल करता है।
“पापा, इस बार मैं सेंटा से कहूंगा कि वो मुझे बैटरी वाली रेड कार ल कर दे।” विक्टर ने अपने पापा से कहा।
“ठीक है बेटा, तुम इस बार भी चिट्ठी में अपनी विश सेंटा को लिख देना, मैं उसे पोस्ट कर दूंगा।” पापा ने कहा।
आज संडे था और विक्टर अपने मम्मी पापा के साथ घूमने गया था। रात को उसने आते वक्त देखा कि कुछ गरीब बच्चे फुटपाथ पर बैठे है और सर्दी से ठिठुर रहे हैं।
“पापा, वो लोग स्वेटर क्यों नहीं पहने हैं, क्या उन्हें ठंड नही लग रही।” विक्टर ने पापा से पूछा।
“बेटा, वो लोग गरीब है उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वो अपने लिए गर्म कपड़े खरीद सकें।” पापा ने कहा तो विक्टर सोच में पड़ गया।
क्रिसमस को एक हफ्ते बाकी थे। विक्टर आज स्कूल से आया तो उसका चेहरा लटका हुआ था।
“क्या हुआ विक्टर? तुम इतने चुप चुप क्यों हो?” पापा ने पूछा
“पापा मेरा दोस्त डेनियल बोल रहा था कि सेंटा हमारे लिए गिफ्ट नहीं छोड़ कर जाते है। वो तो हमारे मम्मी पापा ही हमारे लिए गिफ्ट ले कर आते है। पापा तो क्या सच मे सेंटा नहीं आते?” विक्टर ने मासूमियत से पूछा।
पापा उसने झूठ नहीं बोलना चाहते थे। उन्होंने विक्टर के गालों को सहलाते हुए कहा :
“डेनियल सच बोल रहा है बेटा, तुम जानते हो न कि दुनिया मे कितने सारे बच्चे है और उनमें से बहुत से बच्चे तो ऐसे हैं बेटा, जिनको खाने के लिए दो वक्त की रोटी भी नहीं मिलती। सेंटा कोशिश करते हैं कि वो ऐसे बच्चों की मदद ज्यादा से ज्यादा कर सके, इसीलिए हम भी सेंटा की मदद करते हैं और अपने बच्चों को उनकी तरफ से तोहफा लाकर दे देते हैं।” पापा ने विक्टर को बड़े प्यार से समझाया।
विक्टर को उन बच्चों की याद आ गई जिसे उसने कार से आते वक्त रास्ते में बैठे हुए देखा था। विक्टर समझ गया था कि उसे अब क्या करना है।
कल क्रिसमस था और विक्टर ने वो चिट्ठी जिसे वो हमेशा रात को अपने तकिए के नीचे छुपा कर सोता था, पापा को ला कर दे दी।
पापा ने चिट्ठी पढ़ी तो उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। शाम हो गई थी और पापा और विक्टर उसी सड़क के पास थे जहाँ उन्होंने उन गरीब बच्चों को देखा था।
विक्टर उन सभी के पास बारी बारी गया और उन्हें गर्म कपड़े पकड़ा दिए। उन बच्चों की खुशी देख कर विक्टर भी आज बहुत खुश था।
उसने आसमान में देखा और कहा “सेंटा, मैं जानता हूँ कि आप शायद सभी बच्चों तक नहीं पहुंच पाएंगे तो मैं भी आपकी तरफ से सबके क्रिसमस को खुशहाल बनाने की कोशिश करूंगा। मैरी क्रिसमस सेंटा।” उसने आसमान की तरफ हाथ हिलाते हुए कहा। पापा ने भी अपने नन्हे सेंटा को गले लगा लिया।
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This post was last modified on December 1, 2021 4:37 pm

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