माँ बनने के बाद खुद को भुलाना सही नही है

माँ बनने के बाद खुद को भुलाना सही नही है

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बच्चे को जन्म देने के बाद संध्या अपनी घर गृहस्थी में ऐसी उलझी की खुद को संवारना और निखारना तो बिलकुल भूल ही गयी..भूलना क्या..दरअसल अपने से ज्यादा तो उसको अपने बच्चे की देख रेख और उसके स्वास्थ्य की चिंता रहती ! कभी कभी तो ऐसा होता की दो-दो दिन तक वो अपने बालों पर कंघी भी न फिरा पाती थी ! अपने सुंदर और लम्बे नाखूनों को भी काट डाला ताकि उसके बच्चे को हल्की सी खरोंच भी न लग जाये !





संध्या की गुडिया दस महीने की हो गयी थी पर अभी भी वो संध्या को रात-रात भर जगाती थी..दिन में सोती और रात को जागती संध्या का दिन तो घर के कामों में निकल जाता और रात उसको गुडिया के साथ जाग कर बितानी पड़ती हालाँकि संध्या को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास था और बखूबी वो निभा भी रही थी पर ऐसे में वो अपना ख्याल बिलकुल नहीं रख पाती थी !

संध्या..जो हमेशा टिप- टॉप रहती थी जैसे कपडे होते वैसे ही मैचिंग ज्वेलरी और सैंडिलनेलपोलिश से सजे नाखून और सलीके से बने हुये उसके बालों के स्टाईल के तो सब दीवाने थे परन्तु अब तो सब कुछ बदल सा गया था ऐसा नहीं था की उसके पतिदेव उसकी सहायता नहीं करते थे परन्तु बच्चों को माँ की जरूरत सबसे ज्यादा होती है आज तो संध्या के पतिदेव ने भी कह दिया था संध्या..थोडा अपना भी ध्यान रखा करो.. इतवार को मेरी छुट्टी होगी तो तुम पार्लर जा आना” !




पतिदेव की बात सुनने के बाद संध्या ने थोड़ी देर रुक कर खुद को शीशे में निहारा एक आह सी भर कर उसने अपने पतिदेव से कहा क्या करूँ..गुडिया के होने के बाद मेरे बाल बहुत झड़ रहे हैं इसलिए हमेशा इनको लपेट कर रखती हूँ..सोच रही हूँ की क्यूँ  इनको कटवा कर छोटा कर लूं“! संध्या की बात सुन उसके पतिदेव ने उसको साफ़ मना करते हुये कहा कोई जरूरत नहीं है बाल कटवाने की..मुझे तुम्हारे लम्बे बाल ही पसंद हैं और फिर मम्मी भी नाराज़ होंगी..कुछ दिनों की ही तो बात है जब गुडिया साल भर की हो जायेगी तो बाल भी झड़ना बंद हो जायेंगे

 पतिदेव के कहे अनुसार जब संध्या पार्लर गयी तो ब्यूटिशियन ने कहा तुम्हारे बाल तो बहुत झड़ गये हैं..अगर कहो तो कंधों तक नये स्टाईल में काट दूं” पर संध्या आनाकानी करने लगी इस पर ब्यूटिशियन ने कहा जैसी तुम्हारी मर्ज़ी..पर तुम्हारे बाल इस से घने भी लगेंगे और नया लुक तुम्हारे व्यक्तित्व को भी निखारेगा“! परन्तु संध्या नहीं मानी क्यूंकि उसको लग रहा था की घर में सब नाराज़ होंगे ये जबरदस्ती ओखली में सिर देने वाली बात होगी जैसे ही वो पार्लर का बिल चुकाकर बाहर आने लगी तो उसकी नजर फिर शीशे पर पड़ी और अपने बालों पर हाथ फेरते हुये खुद से ही कहने लगी कैसे पूँछ जैसे रूखे और पतले लग रहे हैं” और मुड़ कर वापिस कुर्सी पर बैठ गयी और आत्मविश्वास के साथ ब्यूटिशियन से कहा मुझे नया हेयर स्टाईल चाहिये.. मेरे बालों को नया लुक दो





अपना नया हेयर स्टाईल उसको बहुत पसंद आया..नये हेयर स्टाईल ने उसके अंदर एक नया आत्मविश्वास भी जगा दिया घर की ओर कदम बढाते हुये उसको डर भी लग रहा था पर उसने सोचा की जो होगा देखा जायेगा जैसे ही उसके पतिदेव ने दरवाज़ा खोला तो अनायास ही उनके मुंह से निकला वाह संध्या..बिलकुल मॉडल जैसी लग रही हो“! पतिदेव के मुंह से अपनी तरीफ सुनकर संध्या ने राहत की सांस ली और पतिदेव से पूछ बैठी पर मम्मी जी क्या कहेंगी” ! “चिंता  करो संध्या..कह देना की आपके बेटे ने ही कहा था” !

आखिर में ये ही कहना चाहूंगी दोस्तो की माँ बनने के बाद जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं पर इस बीच खुद को भुला देना भी सही नहीं है माँ बनने के बाद मोटापाबालों का झड़नाचेहरे पर दाग या आँखों के नीचे काले धब्बे आना बिलकुल आम बात हैऐसे में तनाव  लें ..खुद को संवारियेनिखारिये और नये-नये स्टाईल अपनाकर अपना आत्मविश्वास जगाये रखिये बच्चा सम्भालना मातापिता दोनों की जिम्मेदारी है और ऐसे में दोनों को एकदुसरे की भावनाओं और निर्णय का सम्मान करना चाहिये !




धन्यवाद !

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