ज़िंदगी में बीते हुए अनमोल पलों की कविता – कहानियों का एक अलग ही आनंद है

जिंदगी में बीते हुए अनमोल पलों की कविता - कहानियों का एक अलग ही आनंद है

1. वो अनमोल पल नवोदय के (कविता)

वो  अनमोल पल

नवोदय की नौकरी के,

सदा ही समाए रहेंगे मेरे ज़हन में

रूह भी झुठला नहीं सकती है,

मेरे भावपूर्ण कथन को

इसकी नींव को गहराई से सींचा है मैंने। 

भुलाना चाहूँ तो भी भुला ना पाऊँ 

कोई भी समझ न पाया मेरी व्यथा को,

सभी अपना-अपना राग अलापते हैं

महसूस भी न कर सके मेरे,

नवोदय के प्रति समर्पण को

न ही समझ सके मुश्किलें। 

क्या अलफ़ाज़ बयां करूँ मैं

मेरे परिवार में पति व बच्चों के,

जतन को सलाम है

दिल के समीप होकर भी,

दूर रहने का ग़म सह गए

इसके बावजूद मेरी कोशिशों को कोई न समझ पाए। 

आखिर वही हुआ जो कभी

जीवन में सोचा न था,

मेरे सामने एक ही पल में

नवोदय का सपना धूमिल हो गया। 

पर ज़िन्दगी में राहें कभी

खत्म नहीं हुआ करती हैं,

हर अंधेरे के बाद एक

नई रोशनी अवश्य ही जन्म लेती है,

मेरे  सपने ने नवीन उम्मीदों के साथ

जीवन की प्रकाश रूपी राह चुन ली है,

लेखनी ने मेरी पुनः नई पहचान बुन ली है। 

 

 

2. दोस्ती है अनमोल

 

मोहन  ने उच्च- स्तरीय अध्ययन हेतु विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया ,गाँव से माँ भी आई  । पहले ही दिन विश्वविद्यालय में उसके साथ पुलिस-अधिकारी के बेटे, विक्रम ने गलत तरीके से रैगिंग करना शुरू कर दिया ।

रात में मोहन को घनघोर-बारीश के साथ अन्य-आवाजें आईं, कुछ आदमी पुलिस की गाड़ी में बम छिपा रहे थे, मोहन भीगते-हुए पहुँचा विक्रम के पिताजी को सूचित-करने के लिए । विक्रम ने सोचा, शिकायत करने आया होगा पर  पता चला, पिताजी की जान बचाने आया है । मुझे माफ़ कर मेरे दोस्त, दुश्मनों की खोली तुने पोल, मोहन ने कहा माँ की सीख, दोस्ती है अनमोल ।

3. भाषा ही अनमोल

मातृभाषा संस्कृति की संवाहक है, जिसे ध्वनि ऊर्जा के माध्यम से शब्द रूप में ग्रहण किया गया है, शब्द ब्रह्म, मनुष्यता को उच्चतम विकास तक पहुँचाने वाली अभिव्यक्ति का माध्यम बनी है यह भाषा ।

मातृभाषा, यह माँ की लोरी के समान है, किसी क्षेत्र  की भाषा वहाँ के सामाजिक संस्कृति परिवेश  की माला के रूप में पिरोई हुई पहचान बनकर सदैव संस्कारित जीवन को प्रेरणा देती है । यह  आत्मा की आवाज़ है, जो माँ के आँचल में पल्लवित हुई है। यह अनमोल मातृभाषा  ही बालक-बालिकाओं के मानसिक-विकास को  पहला शब्द को सम्प्रेषण देती है ।

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