छोटी सी लापरवाही आपके बच्चे के लिए जानलेवा हो सकती है ..ज़रा सोचिए

छोटी सी लापरवाही आपके बच्चे के लिए जानलेवा हो सकती है ..ज़रा सोचिए

“अरे सुधा तुम करती क्या हो, सारा दिन देखो ऑफिस के लिए लेट हो रहा हूँ और शर्ट में बटन नहीं है तुम ध्यान नहीं रखती”, उमेश आगबबूला हो रहा था | “ये लो दूसरी शर्ट पहन लो, आज लगा दूँगी, वो गोलू सारा दिन तंग करता है तुम्हें तो पता है ना अभी अभी बैठना सीखा है तो उसका ध्यान रखना पड़ता है, सोता भी नहीं है, अगर मैं साथ सोती हूँ तभी सोता है, मेरे उठने पर तुरंत जाग जाता है, अभी 9 महीने का ही तो है ध्यान तो रखना ही पड़ेगा ना” | “बहाने मत बनाओ सुधा, तुम्हें बस गोलू का बहाना चाहिए वो कौन सा तुम्हारे हाथ से बटन छीन लेगा मुझे कुछ नहीं सुनना, आज शाम तक सारे शर्ट के बटन लग जाने चाहिए, कितनी शर्ट ऐसे ही पड़ी है”, उमेश गुस्से से पैर पटक कर बाहर चला गया ।

बेचारी सुधा गोलू को गोद में लेकर काम करने लगी, एकल परिवार होने के कारण सारा दिन बस गोलू की देखभाल में ही चला जाता था, वो एक मिनट भी उसे अकेला नहीं छोड़ती थी उसे पता था कि छोटे बच्चे कितनी केयर मांगते है पर आज उमेश की बातें उसके दिल में घर कर गईं थी, उसने गोलू को नहलाया और उसे दूध पिलाकर कमरे में फर्श पर बैठा दिया, उसके सामने उसके खिलोने रख दिये गोलू भी खुश होकर खेलने लगा तो सुधा ने सोचा चलो अब उमेश की शर्ट में बटन लगा देती हूं, अब उमेश का ताना नहीं सुनना, उसने शर्ट निकाल कर रखी और खुद भी गोलू के पास बैठ गयी, पास में सुई और धागे का डब्बा रखा था जिसमें बटन भी थे । सुधा मगन होकर शर्ट पर बटन लगा रही थी |

गोलू भी अपने खिलौने से खेलने में  मस्त था । लगभग सभी शर्ट में बटन लगाने का काम हो गया था, आख़िरी शर्ट बची थी तभी गोलू रोने लगा शायद उसने सु सु कर दिया था, सुधा उसका कच्छा लेने थोड़ी देर अंदर गयी, वापस आकर देखा तो गोलू को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, वो फर्श पर पड़ा जोर जोर से रो रहा था | सुधा ने देखा कि उसके हाथ में कुछ बटन थे, सुधा जोर से चिल्लाई उसे समझ आ गया था कि गोलू ने बटन निगल लिया है, उसने उसे बैठाया और उसकी पीठ पर मुक्के मारे लेकिन गोलू की तबियत बिगड़ रही थी, उसने समझदारी दिखाते हुए फौरन अपना बैग उठाया और गोलू को लेकर पास के हॉस्पिटल में पहूँचीं | डॉक्टर ने बिना किसी देर किए गोलू को इमरजेंसी में ले जाकर उसका बटन निकाला | वो तो सुधा की समझदारी थी कि वो बिना देर किए गोलू को हॉस्पिटल ले गयी, वरना कोई भी हादसा हो सकता था ।

दोस्तों, छोटे बच्चों को देखभाल की बहुत जरूरत होती है, उनके प्रति जरा सी लापरवाही बच्चे की जान को मुसीबत में डाल सकती है | छोटे बच्चे को एक मिनट भी अकेला छोड़ना कितना खतरनाक हो सकता है | छोटे बच्चों की आदत होती है कि वो आस पास पड़ी चीजों को मुँह में देते है । इसलिए अगर आप छोटे बच्चे की माँ है तो उस पर बहुत ही ध्यान देने की जरूरत है, बच्चा सो जाए तो अपने काम करिये, फिर भी बीच बीच में उस पर नज़र रखिये या उसके पास किसी को बैठा कर जाए | छोटे बच्चों को अकेला बिल्कुल ना छोड़े, पहले बच्चा जरूरी है, काम नहीं । समझदारी जरूरी है, लापरवाही नहीं ।

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