कैसे बनाई जाए राजस्थान की स्वादिष्ट और ज़ायकेदार दाल बाटी

कैसे बनाई जाए राजस्थान की स्वादिष्ट और ज़ायकेदार दाल बाटी

राजस्थान का ज़िक्र हो और खाने का नाम ना आए, स्वाद की बात ना हो, मान मनवार की बात ना हो… तो राजस्थान का ज़िक्र करना ही बेनामी होगा। मुंबई में हूँ लेकिन रसोई राजस्थानी मसालों से भरी है, फ़ास्ट फ़ूड का ज़माना है लेकिन घर पर आए मेहमानों की मेहमान-नवाज़ी दाल ढोकला, दाल बाटी, बेसन गट्टे की सब्ज़ी और मक्की की रोटी  से करते हैं।

राजस्थान खाना कितना लज़ीज़ है, मुझे उसकी अहमियत  राजस्थान को छोड़ने के बाद और ज्यादा समझ में आई।उसके मसालों की महक वहाँ  की हवाओं में घुलती हुई पूरे विश्व में अपना परचम लहरा रही है। सुना  था कुछ दिन पहले,किसी शाही परिवार में उनके ख़ास मेहमानों का स्वागत ” दाल बाटी ” से किया था।

अब इतनी बार  दाल बाटी का बखान करके उसकी रेसिपी नहीं बतायी जाए तो बेचारे पेट के साथ बड़ी नाइंसाफी होगी। तो आइए  सीखते हैं राजस्थान का सबसे लज़ीज़ और आसान व्यंजन को बनाने की विधि, जो मैंने अपनी नानी दादी और माँ को देखकर सीखा और यकीन मानिए  आज भी उस स्वाद का कोई सानी नहीं।

बाटी के लिए सामग्री :

गेहूं का आटा : 4 कप

सूजी : 1 कप

मकई का आटा : 1 कप

अजवाइन : 1/2 चम्मच

नमक : स्वाद अनुसार

तेल ( मोयन के लिए ): बाटी को मुलायम बनाने के लिए

विधि : मोयन को अच्छे से मिला कर आटे  गूंथ कर रख लें, थोड़ी देर कपड़ा ढककर उसे गलने के लिए छोड़ दें।

थोड़ी देर बाद, आटे की छोटी छोटी बाटियां बनाकर, बाटी वाले ओवन(ग्रिल ) में रख दें। शुरुआत में तेज़ आंच में सेकें,हलकी सी सिक जाने पर मंदी आंच पर उन्हें पकने दें, थोड़ी थोड़ी देर में बाटियों को पलटना नहीं भूलें

दाल बनाने की विधि :

सामग्री :

उड़द की दाल ( छिलके वाली ): 1 कप

मूंग दाल (छिलके वाली  ): 1 /2  कप

चना दाल : 1 /4 कप

दाल को मिक्स करके अच्छे से धोकर ,कुकर में 3 सीटी ले लें।

एक कढ़ाई में बारीक कटा हुआ प्याज,बारीक कटे हुए टमाटर, बारीक लहसुन और बारीक कटी हरी मिर्ची  डालें। अच्छे से पकने पर उसमे लाल मिर्च पाउडर ,हल्दी पाउडर,धनिया पाउडर और नमक डालें और हलके से पानी में मसाले को पकने दें।

मसाला पक जाने के बाद, उसमे सीटी ली हुई दाल का मिश्रण दाल   दें।

अच्छे से उबाल आने पर दाल बंद कर दें और हरे हरे धनिये से उसे सजाएं।

बाटी अगर बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम बानी है और आसानी से खुल रही है मतलब प्रयास सही रहा। बाटियों को खोलकर उसमे भरपूर घी डालकर ,उसमे दाल डालकर खाएं और लज़ीज़ व्यंजन का लुत्फ़ उठाएं।

स्पेशल नोट : दाल बाटी के साथ लहसुन की लाल चटनी , पुदीने की हरी चटनी  और छाछ …… दाल बाटी को चार चाँद लगाती है और स्वाद को चार गुना बढ़ाती है|

तो हो जाईये तैयार बच्चों को और घरवालों को दाल बाटी खिलाने के लिए और अपनी पाक कला का एक और नया उत्कृष्ट उदाहरण देने के लिए।

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