बच्चों की तस्वीरें शेयर करते समय ऑनलाइन सुरक्षा का ध्यान रखें!

बच्चों की तस्वीरें शेयर करते समय ऑनलाइन सुरक्षा का ध्यान रखें!

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इतवार की एक दोपहर पड़ोस की सुधा दीदी, जो दो युवा लड़कों की माँ भी है, ने मेरे दरवाजे पर दस्तक दी, उनके हाथ में कुछ पुरानी तस्वीरें और चेहरे पर एक खूबसूरत मुस्कान थी।
मैं आपको बता दूं कि मेरे नवजात बच्चे की देखभाल करने में उनका विशेष हाथ रहा है। वरना, एक नए बच्चे का ख्याल रखना वो भी लॉकडाउन स्थिति में मेरे और मेरे पति के लिए बहुत ही मुश्किल था। उन्होंने अभी तक वाकई हमारी बहुत मदद की है।
एक दिन उन्होंने मुझसे उन तस्वीरों को अपने भतीजों को भेजने में मदद माँगी, जो किसी रिश्तेदार के जन्मदिन की तैयारी कर रहे थे। मुझे उन तस्वीरों को दिखाने के उत्साह में वह और मैं भी पूरी तरह भूल गए कि उन तस्वीर में एक तस्वीर उनके बड़े बेटे की बचपन की नग्न तस्वीर थी। हम दोनों ने उसे देखा और हंसने लगे।
कुछ दिनों बाद, जब वह बच्चे को नहलाने में मेरी मदद कर रही थी तो मैंने उनके साथ एक ताजा घटना शेयर करना शुरू किया। जो कि मेरी हॉबी है, कि बस जहाँ बात शुरू हुई, मैं कहानियाँ सुनाना शुरू कर देती हूँ। मैंने उन्हें बताया कि हाल ही में मेरी चचेरी बहन जो एक युवा माँ है, अपनी 9 महीने की बेटी की तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अक्सर शेयर करती रहती है। मेरी नजर उसकी बेटी की एक वीडियो पर पड़ी, जिसमें वह नहाने के टब में बैठी थी और बिना कपड़ों के पानी के साथ खेल रही थी।
मैंने वो वीडियो देखा और मैं बहुत परेशान हो गई, मैंने कुछ सोचा और अधिक समय बर्बाद किए बिना उसको एक मेसैज भेजा। यह कहते हुए कि, यह पूरी तरह उसका चुनाव है कि वह क्या पोस्ट करती है लेकिन यह वीडियो थोड़ा परेशानी भरा है जो कि उसकी बेटी की प्राइवेसी को भंग कर रहा है जो कि बिलकुल ठीक नहीं है। मैंने उसे इस वीडियो को हटाने या रखने के बारे में सोचने के लिए कहा। हालांकि, हमारी बात खत्म होते ही उसने तुरंत उस वीडियो को हटा दिया।
अब यह सुनने के बाद, दीदी ने मुझे बताया कि उस दिन उन्होंने गलती से उस नग्न तस्वीर को परिवार के ग्रुप में केवल मनोरंजन के लिए शेयर कर दिया था। उनके बेटे ने उन्हें फोन किया और उन्हें उस तस्वीर को हटाने के लिए कहा क्योंकि वह इससे शर्मिंदा महसूस कर रहा था। साथ ही, उसने उनसे अनुरोध किया कि वह दोबारा ऐसा न करें और उसकी प्राइवेसी का सम्मान करे।
इसलिए शायद वह डर गई और मुझसे कहने लगी कि उससे यह मत कहना कि मैंने भी वह तस्वीर देखी है। हम दोनों ने चर्चा की कि, उनके बेटे की प्रतिक्रिया बताती है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई बच्चा सहमति दे सकता है या नहीं एक बात तो पक्की है कि हम उनकी निजी तस्वीरों को सार्वजनिक रूप से शेयर नहीं कर सकते। क्योंकि यह उनके शरीर पर स्वायत्तता और उनकी गोपनीयता के बारे में है।
हालाँकि इसमें और अन्य गंभीर समस्याएं भी मौजूद हैं जो पूरी तरह से अलग लेकिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। जैसे कि, यह तस्वीरें किसी भी पोर्न साइट में इस्तेमाल किए जा सकती हैं। हमें नहीं पता कि एक पीडोफाइल (वो इंसान जो यौनिक रूप से बच्चों की तरफ आकर्षित होता है) कहां बैठा है जो उन तस्वीरों का किस तरीके से दुरुपयोग कर सकता है।
इसलिए, मुझे लगता है कि माता-पिता के रूप में हमें निश्चित रूप से कम से कम दो बार जरूर सोचना चाहिए कि हम ऑनलाइन क्या शेयर कर रहे हैं। हम जानते हैं कि, हमारे बच्चे सहमति या आपत्ति जताने में अभी सक्षम नहीं हैं। लेकिन यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनकी प्राइवेसी को सुरक्षित रखें।

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