उफ्फ! बच्चों के कैसे – कैसे सवाल, जो करते हैं परेशान!

उफ्फ! बच्चों के कैसे - कैसे सवाल, जो करते हैं परेशान!

बच्चे मन के सच्चे, अक्ल के कच्चे। ये कहावत तो सुनी होगी आपने, अब बच्चे तो बच्चे हैं – कब, कहाँ और कैसी बात बोल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। जो मन में आए बिना सोचे समझे कहीं पर भी बोल जाते हैं, उनके द्वारा पुछे गए सवाल पर कभी तो बहुत हंसी आती हैं तो कभी शर्म, तो कभी मन में सवाल उठ जाते।

अब बच्चे हैं जैसै-जैसै बड़े होते हैं उनके मन में सवाल उठना भी लाजमी हैं। जब हम छोटे थे हम भी पूछते ही होंगे निसंदेह। हम कभी तो उन सवालों का अच्छे से समझाकर जवाब देते हैं, तो कभी उन सवालों को हंस कर टाल देते हैं, तो कभी डांट कर बच्चे को चुप करा देते हैं। कुल मिलाकर अपने-अपने तरीके से माँ-बाप अपने बच्चों के सवालों का जवाब देते या उन्हें समझाते है।

हमें क्या और कैसे जवाब देना चाहिए ये तो मुझे भी अच्छे से नहीं पता क्योंकि सबका अपना-अपना तरीका होता है बच्चों को समझाने का, और हर बच्चा अलग होता हैं। मैं तो उन सवालों को आप सब के साथ साझा करना चाहती हूँ, जिन पर कभी हंसी अाती है, तो कभी ये सोचना पड़ता है उनके क्या जवाब दूं। कभी कभी उनके द्वारा पूछे गए सवाल भी सोचने को मजबूर कर देते हैं, तो शुरू करती हूँ उनके सवाल।

  • “मम्मा मेरा बड़ा भाई या बहन क्यों नहीं है मुझे भी बड़ा भैया या बड़ी दीदी चाहिए। “
  • “पापा मैं आपकी और मम्मी की शादी में क्यों नहीं हूँ मैं कहा था? “
  •  “मेरे को मेरी मम्मी अच्छी लगती हैं मैं तो उनसे ही शादी करूंगा। “
  • “मैं बड़ा कब होऊँगा, या मेरा बर्थडे कब आएगा ? जल्दी-जल्दी क्यों नहीं आता “?
  • “पापा ऑफिस क्यों जाते है वहाँ क्या करते हैं? क्यों काम करते है ?”
  •  “भगवान जी कौन है, कहाँ रहते है, दिखते क्यों नहीं इतने सारे भगवान जी में से सबसे बड़े कौन है या सबसे ज्यादा ताकतवर वाले कौन से है ?”
  •  जो शाकाहारी है उनके बच्चे पुछते हैं  “हम अंडा, चिकन क्यों नहीं खाते ? मेरे दोस्त तो खाते हैं।”
  • कोई त्यौहार आता है तो “हम ये क्यों मनाते हैं ” या किसी त्यौहार जैसै -क्रिसमस, ईद, या और किसी और त्यौहार पर पूछते हैं – “ये हम क्यों नहीं मनाते?”
  • “छोटे बेबी कहाँ मिलते हैं मुझे भी चाहिए ” या “आज अभी मुझे लाकर दो  !”|
  • गर्भवती महिला को देख पुछते है “आंटी आपके टमी में बेबी है ?” और किसी पुरुष का पेट आगे देखते हैं तो कहते “अंकल के टमी में भी बेबी है”?
  • “मम्मा जब दादा-दादी आते हैं तब ही आप साड़ी क्यों पहनती हैं उनके सामने सूट या जिंस क्यों नहीं पहनती?”
  • “पापा आप मम्मी के साथ उनके कमरे में क्यों सोते हो मेरे साथ मेरे कमरे क्यों नहीं मैं तो कितना छोटा हूँ”?
  • टीवी पर देख के बच्चे पुछते है “पापा आप भी इतने लोगों को एक साथ मार सकते हो, आप भी सुपर हीरो हो?” या “मैं क्यों नहीं उड़ सकता ?” या  “मेरे पास ऐसी पॉवर (टीवी में दिखाए बच्चे का नाम लेते हुए ) क्यों नहीं है”?
  • “पापा के मम्मी-पापा साथ रहते हैं आपके मम्मी-पापा आपके साथ क्यों नहीं रहते मम्मी ?”

और भी सवाल है! जैसै; मम्मी घर का काम और पापा ऑफिस का काम क्यों करते है, मैं Boy क्यों नहीं हूं?, मैं इतना white (गोरा) क्यों नहीं हूँ ?, मैं बडी होकर आपके जैसी दिखूंगी ?, हाऊ बाबा (अक्सर इस नाम से बच्चो को डराया जाता है) कैसा दिखता है, भूत कैसे होते हैं, कहाँ रहते हैं ?, हमारा घर इतना बड़ा या वैसा क्यों नहीं है ?

उफ्फ ! इतने सारे सवाल !

कोई सवाल रह गया है तोबताए , आपके बच्चे भी तो सवाल करतेहोंगे, मुझसे शेयर करे।

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