अपने बच्चों को वक़्त देना बहुत जरूरी होता है

अपने बच्चों को वक़्त देना बहुत जरूरी होता है

बेटा होमवर्क फिनिश करो फिर खेलने जाना, तुम बिल्कुल भी पढ़ाई पर ध्यान नही देते. मम्मी आप मेरे पास बिल्कुल नहीं बैठती हमेशा मोबाइल में लगी रहती हो कुछ पूछता हूँ तो चिल्लाने लगती हो, 10 साल के आयुष ने मम्मी को उल्टा जवाब देते हुए कहा. अरे ये बहाना क्यों बना रहे हो पढ़ना नही तो मुझे उल्टा जवाब दे रहे हो. तुम्हारा ऐडमिशन दिल्ली के सबसे महंगे स्कूल में करवाया है. और फिर तुम ट्यूशन भी तो जाते हो मैडम से क्यों नही पूछते जो समझ नही आता? मेरा दिमाग खराब मत करो, आयुष की माँ अपने बेटे को डांटते हुए अपना फेसबुक स्टेटस चेक करने लगी.

बेचारा आयुुुष  चुपचाप अपने रूम मेंं चला गया और दरवाजा बंद का लिया.
थोड़ी देर में आयुुष के पापा भी आफिस से आ गए, आते ही वाशरूम में गए और कपड़े  बदल कर बेड पर लेेेट गए और टीवी ऑन कर दिया तेज आवाज में गााने लगा दिए.
आयुुुष के घर का ऐसा ही माहौल था, मम्मी मोबाइल में बिजी रहती और पापा टीवी में मस्त रहते. आयुष के साथ कोई वक़्त नही बिताता था बेचारा अकेला ही अपने रूम में रहता कोई उसके साथ पढ़ाई की बाते डिस्कस नही करता था आयुष कुछ कहता तो उसके मम्मी पापा ये ही जवाब देते की ” शहर के इतने मंहगे स्कूल में एडमिशन करवाया है और ट्यूशन भी लगाया है फिर तुम क्यों नही पढ़ते ? आयुष को बस यही सुनने को मिलता की हमारे पास टाइम नही है तुम अपने आप पढ़ो.
इसका नतीजा ये हुआ कि आयुष का मन धीरे धीरे पढ़ाई से हटने लगा वो हमेशा खेलकूद में ही ध्यान लगाता वो होमवर्क भी टाइम से नही करता था ट्यूशन वाली मैडम भी बस अपनी सैलरी लेकर निश्चिन्त रहती.
ऐसा नही था कि आयुष का दिमाग कमजोर था या उसे कुछ समझ नही आता था बल्कि वो तो बहुत ही तेज दिमाग का था पर उसके मातापिता की परवरिश ऐसी थी कि अपने बच्चे पर बिल्कुल भी ध्यान नही देते थे उनका मानना था कि बड़े और महंगे स्कूल में एडमिशन करवा के औऱ ट्यूशन लगा कर उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गयी.
दोस्तो ज्यादातर मातापिता का यही मानना है कि बड़े और महंगे स्कूल और ट्यूशन लगाकर बच्चे अपने आप पढ़ाई कर लेंगे, जबकि ऐसा नही है बच्चों को घर मे अगर मातापिता पढ़ाई का माहौल नही देंगे तो  महंगा स्कूल और ट्यूशन कुछ नही कर सकता.
बच्चे को मातापिता का समय चाहिये होता है उसे घर मे ऐसा माहौल मिलना चाहिए जिससे वो अपने मातापिता से अपनी सारी समस्या खुल कर डिस्कस कर सके.
इसलिए हर मातापिता  को अपने बच्चे को वक़्त देना जरूरी है ये आपके बच्चे के भविष्य का सवाल है सिर्फ पैसा खर्च करने से आपकी जिम्मेदारी खत्म नही हो जाती, बच्चों की परवरिश में मातापिता का एहम रोल होता है, अपने बच्चो को वक़्त दीजिये.
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