अगर आपके बच्चे भी पास से टीवी देखते है तो उनकी आँखों का चेकअप ज़रूर कराएं

अगर आपके बच्चे भी पास से टीवी देखते है तो उनकी आँखों का चेकअप ज़रूर कराएं

Last Updated on



बात 4 साल पहले की है जब मेरा बेटा फर्स्ट क्लास में था वो दिल्ली के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ता है मेरी बेटी जो उससे 3 साल बड़ी है वो भी उसी स्कूल में है ! एक दिन स्कूल से आकर बेटे की आंखे कुछ चिपकी हुई थी उनमें से वाइट कलर का डिसचार निकल रहा था. मैंने बेटे की आँखे साफ  पानी  से धुलवाई और उसे आई ड्राप डालकर सुला दिया जब वो सोकर उठा तो दुबारा उसकी आंखें चिपक गयी! अगले दिन हम उसे डॉक्टर पर ले गए जहां उसका आई चेकअप हुआ !



जब डॉक्टर ने बताया कि हमारे बेटे की आंखे वीक है और नंबर भी बहुत ज्यादा है तो हम बहुत चिंतित हो गए हमने डॉक्टर से पूछा कि कितना नंबर है डॉक्टर ने बताया 3 हमने बोला कि ये पास से टीवी देखता है डॉक्टर ने तुरंत बोला कि इसको दूर से दिखाई नही देता इसी लिए पास से टीवी देखता है ये सुनकर मेरे पति का माथा ठनका उन्होंने तुरंत बोला कि ,” पास से टीवी तो मेरी बेटी भी देखती है” इसकी भी आंखे चेक कर लीजिए जब बेटी की भी आंखे चेक की तो उसकी भी आई साइट वीक निकली उसका भी नंबर 2 था! हम दोनों बहुत उदास हो गए डॉक्टर ने पूछा कि क्या आपने इससे पहले बच्चो का आई चेकअप करवाया हमने कहा नही!

कभी इस ओर ध्यान ही नही गया हमारी लापरवाही से दोनो बच्चों की आंखों पर चश्मा लग गया काश हमने बच्चो का आई चेकअप करवाया होता तो उनका नंबर इतना नही बढ़ता ..पर अब हम अपने दोनो बच्चो का आई चेकअप हर 6 महीने में करवाते है क्योंकि आंखे अनमोल है आंखे है तो जीवन है ! अगर आपके बच्चे भी पास से टीवी देखते है तो
आप भी अपने बच्चो की आँखों का चेकअप ज़रूर करवाएं!




Disclaimer: The views, opinions and positions (including content in any form) expressed within this post are those of the author alone. The accuracy, completeness and validity of any statements made within this article are not guaranteed. We accept no liability for any errors, omissions or representations. The responsibility for intellectual property rights of this content rests with the author and any liability with regards to infringement of intellectual property rights remains with him/her.